नेताओं पर लगाम जरूरी।खोखला प्रजातंत्र

मोदी जैसे लोग हैं देश पर बोझ। 

नेताओं पर नकेल कसना जरूरी है।

देश लूट कर खा रहे।

बाबू नेता ठेकेदार मिल कर आधा जीडीपी लूट रहे। बंदर बांट जुमले अनियंत्रित खर्चे।

हर उद्धघाटन मोदी ही करेगा ।क्यों ?

सिर्फ अय्याशी झूठ फिजूलखर्ची चोरी गाली गलौच निंदा बकवास।काम ज़ीरो।

नोच रहे जनता को सभी राजनीतिक दल 1947 से।

सरकार बोझ बन चुकी है जनता पर।

पॉलिटिक्स सेवा नही, धंधा।

हिन्दू वोटर्स निकम्मे अनपढ़ अपराधी भ्रस्ट जातिवादी लोगों को ही क्यों चुनते।

अपने पैरों पर मार रहे कुल्हाड़ी।

क्या सरकारी पद चैरिटी है ।चाय वाले को प्रधान मंत्री बना दें?

खैरात है?

सबको सरकारी पद चाहिए क्यों?

हिन्दू बड़ा इंटेरेस्ट ले रहे दूसरे धर्म के परिवारों में?किसने दिया अधिकार।अपने घर की औरतों पर दो ध्यान।हिन्दू औरतें आज भी घूंघट निकालती है।

मुस्लिम लड़कियों के पैर , सीना और चेहरा क्यों देखना है?

यही है असली मकसद? कुछ हरामियों का।😛😀

बुर्का या हिजाब पहनना जरूरी नही।ये उनकी स्वेच्छा है।दूसरों को क्या मतलब।ये निजी मामला।

नन्स भी पहनती गाउन्स।

निहंग भी।

ये धर्मान्धता है ।लेकिन है।

आरएसएस क्या कर रहा ।इसको किसने दिया अधिकार हिन्दू का नेता बनने का दूसरे धर्मों पर टिप्पणी का?

इसको बेन करना जरूरी।

ये भी तो मदरसे चला रहा।कहां से आ रहे सैकड़ों करोड़ साल के?


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